antarvasna, hindi sex stories, hindi sex story, antarvasana, antarvasna

Friday, August 24, 2018

Mami Ka Diwali Gift - Hindi Sex Kahani

प्रेषक : दीनू …
हैलो दोस्तों.. मेरा नाम दीनू है और में आपके लिये नई स्टोरी लेकर आया हूँ और आज में आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहा हूँ। जिसका मुझको बेसब्री से इंतज़ार था.. मेरा मतलब मैंने कैसे अपनी मामी को गर्म करके चोदा। मेरी मामी का नाम अनुराधा है.. उनका फिगर कुछ ख़ास नहीं है.. लेकिन वो दिखने में बहुत सेक्सी लगती है.. उनकी हाईट बहुत ज़्यादा है और उनकी उम्र लगभग 32 साल होगी।

ये तब की बात है.. जब में दीपावली की छुट्टियों में मामा के घर गया था। जब में वहां पहुँचा.. तो पहले मैंने मामी, मामा के पैर छुये और हाथ मुँह धोने बाथरूम में चला गया। जब में हाथ मुँह धोकर आया तब तक मामी मेरे लिये चाय लेकर आई.. में चाय पीकर सोनू के साथ टी.वी. देखने लगा (सोनू यानी मेरे मामा का 6 साल का लड़का).. हमने एक पूरी मूवी देखी। फिर रात हो गई और मामी ने कहा कि खाना तैयार है.. हाथ धो लो और हम सब खाना खाकर सोने के लिये चले गये। दूसरे दिन जब में उठा तो देखा कि घड़ी में 9 बज रहे है.. मामा ऑफिस के लिये निकल गये थे और मामी सोनू को स्कूल के लिये तैयार कर रही थी.. थोड़ी देर में सोनू की स्कूल बस आ गई और सोनू स्कूल चला गया।
अब घर में सिर्फ़ में और मामी ही थे.. मामी दीपावली की तैयारी में लगी थी और में हॉल में टी.वी. देख रहा था। टी.वी. देखते देखते में किचन में पानी पीने के लिये गया। जब में अंदर गया.. तो मामी लड्डू बना रही थी और काफ़ी देर से काम करने के कारण मामी के शरीर से बहुत पसीना आ रहा था। मामी का ब्लाउज 50% गीला हो चुका था.. मामी फ्रिज से चिपककर बैठी हुई थी। मामी ने मुझसे पूछा कि कुछ चाहिये क्या? फिर मैंने कहा कि पानी पीने आया था.. मामी आगे सरक गई। मैंने जब फ्रिज का दरवाज़ा खोला.. तो वो मामी के पिछवाड़े पर टकराया। फिर मैंने मामी से पूछा कि मामी कहीं लगी तो नहीं? मामी ने नहीं में अपना सिर हिलाया। पानी पीने के बाद मैंने मामी से पूछा कि में कुछ मदद करूँ.. तो मामी ने कहा कि ये सब औरतों का काम है.. तू क्या मदद करेगा? तू रहने दे.. तो में फिर से टी.वी. देखने हॉल में चला गया और कुछ देर बाद मामी किचन से पसीना पोंछते पोंछते हुये बाहर आई और बेडरूम में जाकर गाउन लेकर बाथरूम में चली गई।
फिर थोड़ी देर में मामी फ्रेश होकर गाउन पहने हुये बाहर आ गई.. में समझ गया कि मामी ने साड़ी बदलकर गाउन पहन लिया है। मामी मेरे पास आई और मुझसे कहा कि तुम भी फ्रेश हो जाओ.. में तुम्हारे लिये चाय बनाती हूँ। दोस्तों इस समय तक मेरे मन में मामी के बारे में कुछ ग़लत नहीं था.. लेकिन जब में बाथरूम में गया तो मुझे मामी की साड़ी और पसीने से गीला हुआ ब्लाउज दिखाई दिया। मैंने बाथरूम का दरवाज़ा बंद कर लिया और उस ब्लाउज को उठाया और उसे सूंघने लगा.. जैसे ही मैंने उसे सूँघा तो में पागल हो गया और मुझे एक झटका सा लगा। मेरा 6 इंच का लंड धीरे धीरे खड़ा हो गया और उसे मुझे मुठ मारकर ही शांत करना पड़ा। जब में बाथरूम से बाहर आया तो मामी चाय लेकर टी.वी. के सामने सोफे पर बैठी हुई थी। में जाकर उनके बगल में बैठ गया। उन्होनें कहा कि इतनी देर तक नहा रहा था। फिर मैंने कहा कि नहीं मामी.. बस ऐसे ही और हम चाय पीते पीते बातें करने लगे.. तब तक 4 बज गये और सोनू स्कूल से आ गया और हम दोनों घूमने के लिये बाहर चले गये।
शाम को जब हम लौटे.. तब तक मामा घर आ चुके थे। हमने थोड़ी देर टी.वी. देखी और खाना खाकर सोने चले गये। रात के करीब 12 बजे थे.. मुझे नींद ही नहीं आ रही थी.. मुझे हर वक़्त मामी को चोदने का ख्याल आने लगा। फिर मैंने सोचा कि मामी को गर्म करके चोदना पड़ेगा। फिर में दूसरे दिन से ही अपने मिशन पर काम करने लग गया। में मामी की किचन में सहायता करने लगा.. इस दौरान में मामी को बहुत बार टच करता था। कभी कभी उनके पिछवाड़े को भी हाथ से रगड़ता था। ऐसे ही दो दिन बीत गये.. मुझे लगा कि ऐसे करने से कुछ नहीं होगा.. कुछ तो रिस्क लेनी पड़ेगी.. तभी मेरे दिमाग़ में एक आईडिया आया। मामी जब टी.वी. देख रही थी.. तो में उनके पास जाकर बैठ गया और कहा कि मामी मेरा दीपावली का गिफ्ट.. तो मामी ने कहा कि माँगो तुम्हे क्या चाहिये? फिर मैंने मज़ाक में कह दिया कि मुझे आपसे एक किस चाहिये।
फिर मामी ने कहा कि बस इतनी सी बात और झट से मेरे गाल पर एक किस दे दिया। फिर मैंने मामी से कहा कि क्या मामी बच्चो जैसे किस कर रहे हो.. अब में बड़ा हो चुका हूँ.. तो मामी ने कहा कि तुम्हे और कैसे किस करूँ। फिर मैंने कहा कि ओह मामी.. मामी मेरी तरफ देखकर मुस्कुराई और कहा कि मुझे किस देना नहीं आता.. तो मैंने कहा कि में आपको किस करता हूँ और मामी ने हाँ में सर हिलाया.. बस मुझे और क्या चाहिये था। मैंने झट से मामी के होठों को अपने होठों में लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गया। थोड़ी देर बाद किस करते करते मैंने मामी का एक बूब्स हल्के से दबाया.. तो मामी ने मुझको झटका दिया और कहा कि ये क्या कर रहे हो.. तुमने तो सिर्फ़ किस माँगी थी ना। फिर मैंने कहा कि सॉरी मामी और अपने होंठ मामी के होठों के पास ले गया.. तो मामी ने ही मुझको खींचा और किस करने लगी। तब मैंने सोचा कि आग दोनों तरफ लगी हुई है.. यही मौका है और लोहा गर्म है.. बस हथोड़ा मारना चाहिये और मैंने मामी को किस करते करते सोफे पर लेटा दिया और उनकी साड़ी उतारने लगा।
फिर मामी ने कहा कि अरे ज़रा धीरे.. अभी पूरा दिन बाकी है और उठकर मैंने दरवाज़ा बंद किया और मामी मुझे पकड़कर बेडरूम में ले गई.. तभी मुझे लगा कि दाल में कुछ काला है। मैंने मामी से पूछा कि मामी ये क्या कर रही हो? तो मामी ने कहा कि तुझे अब मेरे पसीने से नहलाउंगी। फिर मैंने कहा.. क्या? तो मामी ने कहा कि इतना भोला मत बन.. उस दिन तो बड़े प्यार से मेरा ब्लाउज सूंघ रहा था और बाद में मूठ भी मारी थी.. तो में ये सुनकर हैरान रह गया। मैंने मामी से पूछा.. आपको कैसे पता? तो मामी ने कहा कि अरे में तेरी मामी हूँ और पास आकर मुझसे चिपक गई और बोली कि आज में सिर्फ़ तुम्हारी हूँ और ये मामी और भांजे का रिश्ता भूल जा और मुझे अपनी गर्लफ्रेंड समझकर प्यार करना। मैंने ये सुनते ही उनको उठाया और बेड पर लेटाया और उनकी साड़ी ऊपर करके उनकी जाँघो पर हाथ फेरने लगा और अपनी छोटी सी दाढ़ी को मामी की जाँघो पर रगड़ने लगा.. तो मामी जोर से उछलने लगी.. उउहह आहह हहह्ह्ह् और ऐसी आवाजें निकालने लगी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
फिर मैंने धीरे धीरे मामी के सारे कपड़े उतार दिये। अब मामी मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी और में भी मामी के सामने सब कपड़े उतारकर नंगा खड़ा हो गया और मामी से कहा कि मेरे लंड को अपने मुँह में लो। पहले तो मामी ने इनकार किया.. मगर मेरी ज़िद करने पर मामी ने मेरे लंड को हाथ में लिया और हिलाने लगी और अपने मुँह में डालकर अंदर बाहर करने लगी। क्या बताऊँ.. बहुत मज़ा आ रहा था दोस्तों। फिर मामी ने मेरा लंड चूस चूसकर लॉलीपोप ही बना डाला और जब में डिसचार्ज होने वाला था.. तब मामी ने मेरा लंड बाहर निकाला और सारा पानी अपने बूब्स पर ले लिया और हम थोड़ी देर बेड पर पड़े रहे और थोड़ी देर बाद वो मेरी छाती पर हाथ फेरने लगी और मेरे लंड को अपने हाथों से हिलाने लगी। में फिर मूड में आ गया और मेरा लंड धीरे धीरे पूरा खड़ा हो गया।
मैंने मामी की दोनों टाँगे फैलाई और मामी की चूत में दो उंगलिया डालकर अंदर बाहर करने लगा.. तो मामी सिसकारियां भरने लगी। फिर मैंने कुछ देर मामी की चूत में उंगलिया की और थोड़ी देर बाद मामी झड़ गई। फिर मैंने अपने लंड का सुपाड़ा मामी की चूत पर रखा और ज़ोर से धक्का लगाया.. तो मेरा आधा लंड मामी की चूत के अंदर चला गया और कुछ ही देर में मामी को ज़ोर ज़ोर से धक्के देने लगा। मामी और में दोनों एन्जॉय कर रहे थे। मैंने मामी को कई पोज़िशन में चोदा.. इस दौरान मामी दो बार झड़ गई। फिर जब मेरे झड़ने का टाईम आया.. तो मैंने मामी से पूछा कि कहां निकालूं.. तो मामी ने कहा अंदर ही निकाल दे.. फिर मैंने ज़ोर ज़ोर से मामी की चूत में पिचकारियां छोड़ी और सारा वीर्य चूत से बहने लगा और में मामी के बगल में लेट गया। थोड़ी देर बाद मामी उठी और अपने सारे कपड़े पहन लिये.. क्योंकि सोनू के आने का टाइम हो चुका था।
मैंने मामी का हाथ पकड़ा और मामी को अपनी तरफ खींचा और मामी के गालो पर किस किया और कहा कि में ये दीपावली का गिफ्ट कभी नहीं भूलूंगा और मैंने दो दिन और मामी के साथ मस्ती की और में अपने घर चला गया ।।
धन्यवाद …

SoraFilms

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Vestibulum rhoncus vehicula tortor, vel cursus elit. Donec nec nisl felis. Pellentesque ultrices sem sit amet eros interdum, id elementum nisi ermentum.Vestibulum rhoncus vehicula tortor, vel cursus elit. Donec nec nisl felis. Pellentesque ultrices sem sit amet eros interdum, id elementum nisi fermentum.




Contact Us

Name

Email *

Message *