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Thursday, August 16, 2018

Abbu Our Beti Ki Chudai Hindi Sex Story

हाय दोस्तों कैसे हैं आप सब ? मैं आशा करती हूँ कि आप सब अच्छे होंगे और चुदाई के लिए समय जरुर निकाल रहे होंगे | मेरा नाम परवीन बानो है और मैं कराची की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 29 साल है और मैं एक शादीशुदा महिला हूँ | मेरी हाईट 5 फुट 5 इंच है और मेरा बदन सेक्सी है \ मेरा रंग गोरा है और साथ ही मैं खूबसूरत भी हूँ ऐसा मेरे साथ के लोगो का कहना है | दोस्तों मैं इस साईट की दैनिक पाठक हूँ और मुझे चुदाई की कहानिया
पढना बहुत पसंद है | मुझे इसकी आदत मेरे पति ने लगवा दिए जब वो जिन्दा थे | आज जो मैं आप लोगो के सामने अपनी कहानी पेश करने जा रही हूँ ये एक दम सच्ची कहानी है और मेरे जीवन की पहली कहानी है | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी जरुर पसंद आएगी | तो अब मैं आप लोगो के कीमती समय को वेस्ट न करते हुए सीधा अपनी कहानी पर आती हूँ |
ये घटना दो साल पहले की है | मेरे घर में, अब्बू-अम्मी, मेरा बेटा और मेरी बेटी रहते हैं | मेरा बेटा और बेटी दोनों साथ में पैदा हुए थे इसलिए दोनों स्कूल में एक ही क्लास में हैं | अब्बू की सुनार की दुकान है और अम्मी घर का काम संभालती हैं मेरे साथ | मेरे निकाह के तीन साल बाद ही मेरा पति ॐ भट्ट स्वः हो गया | उसके बाद से मैं चुदाई के लिए तरसने लगी | मेरा अब्बू बहुत चुदक्कड़ किस्म का आदमी है | वो अम्मी को रोज रात में चोदता था ये मुझे मालुम था | मैं रोज चुपके से जाती और उन दोनों की चुदाई देख कर गरम हो जाती | उसके बाद मैं अपने कमरे में आ कर अपनी बुर को सहलाती और पानी निकालती | मेरा रोज का यही काम हो गया था | मेरे अब्बू का लंड कुछ 7 इंच लम्बा और 2.5 इंच मोटा है और बहुत काला लंड है | मुझे बहुत अच्छे से पता था कि अब्बू मुझे बहुत घूरते थे | मैं जब भी झाड़ू लगती या पोछा लगाती | तो साला ठरकी मुझे देखा था | वो कभी मेरी गांड पर नजर मारता तो कभी मेरे बोबे पर | खैर मुझे क्या करना था | मैं भी तो चाहती थी कि ये मुझे चोद कर संतुष्ट कर दे और मुझे जन्नत का रास्ता दिखा दे | लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा था क्यूंकि घर कभी खाली ही नही रहता था | मुझे तो एसा लग रहा था कि अल्लाह तो चाहता ही नहीं है कि मुझे चुदाई नसीब हो |
फिर एक दिन अम्मी जान कहीं गई हुई थी और मेरी बेटी भी उनके साथ गई हुई थी | मेरा बेटा अपने दोस्तों के साथ बाहर खेल रहा था और घर में बस मैं और अब्बू ही थे | मैंने पहले झाड़ू लगाया और फिर पोछा लगा रही थी | तभी अब्बू वहां पर आ गए और मैंने पूछा कुछ काम है क्या अब्बू ? तो उन्होंने कहा कि नहीं कुछ काम नहीं है और ये सुन कर मैं अपने काम में लगा गई | जैसे ही मैं उठी उन्होंने मुझे पीछे से आ कर पकड़ लिया और अपने दोनों हाँथ सामने कर के मेरे बोबे पर लगा कर दबाने लगे | मैंने उनसे छूटने की बहुत कोशिश की लेकिन उनकी पकड़ बहुत मजबूत थी इसलिए मैं कुछ नहीं कर पा रही थी | मैंने उनसे बोल रही थी अब्बू छोड़ दो मुझे क्यूँ कर रहे हो आप ? तो उन्होंने कहा की मादरचोद तू कमरे में चुदाई की कहानियां पढ़ते हुए अपनी बुर सहलाती है और मुझे के लिए तरसाती है | आज मैं तुम्हे चोदूंगा | मेरे मन में लाड्डो फूटने लगे और फिर मैंने उनका विरोध करना छोड़ दिया | मैंने कहा अच्छा चोद लेना लेकिन अपनी पकड़ तो छोड़ साले बुद्धे | उसने मुझे छोड़ने के बाद कहा तू सच में मुझसे चुदेगी ? तो मैंने कहा हाँ मैं चुदुंगी क्यूंकि मेरा शोहर जबसे मेरा मेरी को लंड नहीं मिलता | जब मैं तुझे और अम्मी को चुदाई करते हुए देखती थी तो मेरा मन भी करता था चुदवाने का लेकिन मेरे पास तो लंड नहीं है तो कैसे अपनी बुर की प्यास बुझती | कुछ देर शांत खड़े रहने के बाद उसने मुझे फिर से अपनी बांहों में भर लिया और अपने होंठ को मेरे होंठ में लगा कर चूसने लगा मेरे होंठ को | मैं भी उसका साथ देते हुए उसके होंठ को चूस रही थी | बहुत समय बाद मुझे चुदाई नसीब हो रही थी इसलिए मैं बहुत खुश थी | वो मेरे होंठ को चूसते हुए मेरे बोबे को भी मसल रहा था और मैं उसके होंठ को चूसते हुए उसकी गांड को मसल रही थी | हम दोनों ने के दूसरे के होंठ को मन भर के चूसा | उसके बाद उसने दरवाजे की कड़ी को लगा दिया | उसके बाद उसने मेरे कुरते को उतार कर रख दिया और मेरे ब्रा के ऊपर से ही मेरे बोबे को मसलने लगा तो मेरे मुंह से आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह की आवाज़ निकलने लगी | कुछ देर के बाद उसने मेरे ब्रा को भी उतार कर रख दिया और मेरे दोनों बोबे को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां लेने लगी | वो मेरे दोनों बोबे को जोर जोर से मसल रहा था और निप्पलस को खींच खींच कर चूस रहा था और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अल्लाह अल्लाह कर रही थी | उसके बाद उसने अपनी लुंगी को खोल दिया और अपने बड़े मोटे काले लंड को मेरे सामने कर दिया | उसका लंड तो मुझे शुरू से बहुत पसंद था इसलिए मैंने देर न करते हुए उसके लंड को हाँथ में ले कर सहलाने लगी और सहलाने के बाद मैंने उसके लंड को अपनी जीभ से चाटने लगी तो उसके मुंह से भी आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह की सिस्कारियां निकलने लगी | मैं उसके लंड पर अपनी जीभ से हर जगह घुमा घुमा कर चाट कर गीला कर रही थी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मेरे बालो को सहला रहा था | उसके बाद मैंने उसे पलंग पर बैठा दी और उसके लंड को अपने मुंह में ले कर चूसने लगी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मेरे बोबे को मसलने लगा | मैं उसके लंड को पूरा अन्दर तक चूसते हुए चाट रही थी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां ले रहा था | फिर उसने मुझे उठा दिया और मेरे सलवार के नाड़े को खोल कर उतार दिया | फिर उसने मेरी जांघो को चूमते हुए मेरी पेंटी भी उतार दिया और मेरी में अपनी जीभ से सहलाते हुए चाटने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां ले रही थी | वो मेरी पर अपने मुंह को रगड़ते हुए मेरी को जीभ अन्दर कर के चाट रहा था और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए बस अलाह को यद् कर रही थी | चटाई के बाद उसने अपने लंड पर थूक लगाया और मेरी में सेट कर अन्दर घुसेड दिया और चोदने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां ले रही थी | कुछ देर बाद उसने अपनी चुदाई की रफ़्तार बढ़ा दिया और जोर जरो से मेरी को चोदने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपनी गांड उचका उचका कर चुदवा रही थी | उसके बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया और मेरी गांड में अपना लंड फंसा कर मेरी गांड चोदने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपनी गांड चुदाई का मजा ले रही थी | वो जोर जोर से धक्के मारते हुए मेरी गांड मार रहा था और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां ले रही थी | करीब अद्धे घंटे की चुदाई के बाद उसने अपना सारा का सारा माल मेरी गांड में ही निकाल दिया |

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